क्या मैं यहाँ बैठ सकती हूँ? उसके शब्दों से मेरी तन्द्रा टूटी. मैंने उसकी तरफ देखा. दूध सा एक दम गोरा बदन, पतली छरहरी काया, झील सी गहरी कजरारी आखें, सुन्दर खड़ा नाक, कमर तक रेशमी बाल, मोतियों से चम् चम् करते दांत, कानो में सुनहरी बालियाँ. बदन से चिपके हुए टॉप और घुटने तक का स्कर्ट. उसका फिगर 36….28…36 के आस पास होगा. लग रहा था साक्षात् कामदेवी मेरे समक्ष खड़ी हो. भगवान ने भी कई सदी लगा लिए होंगे, खुद अपने हाथों से उसको तरास कर बनाने में, और जब बनाया होगा, तो खुद भी तरस गया होगा, सिर्फ एक बार पाने को . हे भगवान मेरे साथ ही ये नाइंसाफी क्यूँ करते हो . मैं घबराहट के मारे पसीना-पसीना हो गया था. इस घबराहट में मेरे मुह से निकला...........

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