Jai Mithila, Jai Bihar

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Jai Mithila, Jai Bihar

The Mithilas are the Real Dharti-Putras of Great Bihar, Right from the time of Maharaj Janak, they hav fought for their Motherland Bihar, Its a humble Tribute to million of Mithilas,

Jai Mithila, Jai Bihar !!

Location: Mithilanchal, Bihar
Members: 72
Latest Activity: Jun 16, 2015

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Bihar Tourism

Started by Virender Yadav Apr 29, 2014. 0 Replies

Please tell me the tourist place in bihar.VirenderContinue

How to stop migration from bihar

Started by Ranjan kumar jha Apr 30, 2011. 0 Replies

we can work for rural economy . Govermenr should provide villagers good irrigation facility. Also provide them better seeds so that crops yield increses.Also provide them cow, goat,hen. So that they…Continue

Drinking water problem

Started by subas chandra sinha Apr 12, 2011. 0 Replies

Urban area is facing acute water shortage due to depletion of underground water table.National rivers have become rivulets .Siltation in rivers has made the issue more  complicated.This causes flood…Continue

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Comment by Durgesh Kumar Mandal on August 14, 2011 at 2:36pm
hello friend see my new website mithila world where you can download maithili and bhojpuri songs visit now http://mithilaworld.co.cc/
Comment by Ranjan kumar jha on June 22, 2011 at 12:10pm
मेहनत सं तक़दीर बदलैत अछि .कम सं कम मिथिला में ई बात अविश्वश्नीय अछि .नियति आ प्रारब्ध मिथिलाक विकासक दर्शन रहल अछि .लेकिन ओही मिथिला में एक खेतिहर मजदूर बगैर पलायन क़े गामक दोसर मजदूर क़े किश्मत बदलि दैत अछि त मानल जायत विकासक उत्कंठा हर जीव में होयत अछि लेकिन बहुत किछु प्रयास पर निर्भर करैत अछि .सीतामढ़ीक सोनबरसा क़े एकटा पिछड़ल गामक खेतिहर मजदूर साझा खेती यानि कोपरेटिव फार्मिंग अपना कय जमीन्दारक खेत सं सोना उगा रहल छैथ .यानि अहि गामक मजदूर क़े सामने पलायन आब नियति नहि अछि बल्कि अपन देसी प्रबंधन में ओ मजदूर दोसर गामक खेतिहर मजदूर क़े पूर्णकालिक रोजगार दय रहल अछि .
मयुरवा गामक रामभरोस आ भुवनेश्वर ठीक चारि साल पहिने गामक जमीन्दारक खेत में मजदूरी कय आ दोसर छोटछीन काज कय क' अपन परिवारक गुजर बसर करैत छलाह .लेकिन एक छोट प्रयास हुनकर जीवन क़े धारा बदलि देलक .गिरहतक जमीन पट्टा पर लय दूनू मित्र सब्जी उगेबाक संकल्प लेलैंह आ देखतही देखते हुनकर आईडिया चलि निकलल.पहिले ओ गामक हाट बाज़ार सं अपन कारोबार शुरू केलैंह लेकिन साल भरि में हुनकर ई कारोबार सरहद्पार नेपाल तक दस्तक दय देलक .सामूहिक प्रयास आ सामूहिक जिम्मेदारी मिथिला में कारोबार आ विकासक सूत्र दय सकैत अछि संभवतः ई पहिल उदाहरण छळ .आई सोनबरसा क़े दर्जनों गामक मजदूर जमीन्दारक खेत पट्टा पर लयक हरित क्रांति क़े सूत्रपात केलैंह अछि .तक़रीबन ५० एकड़ जमीन पर स्थानीय खेतिहर मजदूर साग सब्जी उपजा क' सैकड़ो परिवार क़े आत्मनिर्भर बाना देलक अछि .
खेतिहर मजदूर सं आदर्श किसान बनबाक ई प्रयास कोनो फिल्म क' पटकथा नहि अछि बल्कि सोनबरसा क़े आसपास गामक कतेको परिवार आई बी पी एल क़े सीमा रेखा लाँघि ए पी एल में पहुंची गेल छैथ .आई ओही खेतिहर मजदूरक बाल बच्चा स्कूल जा रहल अछि .सम्पन्नता हुनकर घरक रूप रेखा बदलि देलक अछि .खासबात ई अछि अहि में सरकारक भूमिका कतो नहि अछि .यातायात क' साधन क़े आभाव क़े कारण दोसर शहर में अपन कारोबार बनेबा सं ई कारोबारी बंचित छैत आ मजबूरी में हुनका नेपालक शरण लेबे पडैत अछि .अहि ठाम कोनो भूमि विवाद नहि अछि ,अहि ठामक दर्शन अछि जियो और जीने दो .सामजिक साझेदारी क' ई शानदार पहल और गाम में अपनायल जा सकैत अछि .बिहारक विकास में गामक अनपढ़ मजदूर अपन योगदान दय रहल छैथ ई बात आब सरकार पर निर्भर करैत अछि जे अहि प्रयोग क़े ओ विकासक परक्रिया में कोना शामिल करैत छैथ .जखन कि ई बात सर्विदित अछि जे बिहारक विकास एक मात्र सूत्र खेती -बाड़ी अछि .११ फीसद विकास दर क़े दावा जाही प्रदेश में कयल जा रहल अछि ओतय कृषि क्षेत्र में विकास दर महज ३ फीसद अछि .जखन कि ७५ फीसद लोकक निर्भरता सिर्फ खेती पर अछि .
Comment by Ranjan kumar jha on May 3, 2011 at 9:22am
आउटलुक पत्रिका( बिहार-झारखंड और राष्ट्रीय अप्रैल 2011 अंक) में छपी खबर के अनुसार कोसी पर बनने वाली महासेतु की लंबाई को घटाकर महज 1.5 किलोमीटर कर दिया गया है जिससे कोसी की पाट वहां उससे भी कम रह गई है.
हकीकत यह है कि पहले की योजना में कोसी पर कुछ लोगों के मुताबिक करीब 22 किलोमीटर तो कुछ के मुताबिक करीब 10 किलोमीटर लंबा पुल बनना था। कोसी पर रेल-सह-सड़क पुल बनना है और केंद्र सरकार के दोनों ही मंत्रालय ऐसे मंत्रियों के अधीन है जिनकी बिहार में कोई दिलचस्पी नहीं है.
ऐसे में कोसी के पाट को जानबूझकर छोटा कर देना क्या किसी बड़े खतरे को न्योता देना नहीं है? कहा जाता है कि कोसी वहां पांच धाराओं में बंटी हुई है जो उसके सैकड़ों में धारा बदलने की वजह से हुआ है।.ऐसे में उन पांचो धाराओं की अनदेखी कर विशाल कोसी को डेढ़ किलोमीटर में समेटना बिहार के लोगों को एटम बम या सूनामी के सामने बिठाने के लायक है.

जाहिर है कोसी की ये सीमित चौड़ाई उसके पानी के दवाब को नहीं झेल पाएगी. आईये हम सब इसका विरोध करें
Comment by Ranjan kumar jha on April 30, 2011 at 9:24am

MADUBANI (BIHAR): In an attempt to provide employment opportunities to the locals and to stop them from migrating to other states, Bihar has set up a Business Process Outsourcing Unit (BPO) in a remote village of the State's Madhubani District.

The BPO at Saurath Village has empowered locals.

The employees are mostly Hindi speaking, but they admit that they are learning to speak English also.

It is indeed fascinating to see homemakers and labourers working efficiently at the call centers.

"We need to engage them to stop this problem of brain drain and migration. I feel if we are able to do this, then these problems will stop to a great extent. I believe this is the first of its kind, the first rural BPO in India," said Kamlesh Kumar, the manager of Drishti Business Process Outsourcing.

Comment by Ranjan kumar jha on April 25, 2011 at 10:10am

पटना मे बिहारक पहिल मॉल ‘पी एंड एम’  खुलि गेल अछि. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एकर उद्घाटन करलखिन्ह. ई मॉल फिल्म निर्माता…निर्देशक प्रकाश झा जीक छनि. ई मॉल पटना के पॉश पाटलिपुत्रा कॉलोनी मे खुलल अछि.

सवा दू लाख वर्गफुट मे बनल ई ‘पी एंड एम’ मॉल छह मंजिला अछि. एहिठाम अहां खरीदारी के संग फिल्म सेहो देख सकय छी… खा-पी सेहो सकय छी. एक बेर भीतर गेलाह के बाद जरूरत के सभ सामान अहां के मिल जाएत.

पी एंड एम मॉल

मॉल के ग्राउंड… फर्स्ट आओर सेकेंड फ्लोर पर कई तरहक दोकान अछि… शॉप अछि. बिग बाजार सेहो अछि. अहां एहिठाम जमिsक  खरीदारी क सकय छी. किछ खाय-पीबय के मन होए तं तेसर मंजिल पर बनल फूड कोर्ट मे चलि जाउ.

एहि ‘पी एंड एम’ मॉल… मल्टीप्लेक्स मे चारिटा सिनेमा हॉल अछि. ई मॉल के पाचिम आओर छठिम मंजिल पर अछि. चारिम मंजिल पर बैंक्वेट हॉल अछि. जेहि ठाम अहां कोनो पार्टी… समारोह के आयोजन करि सकय छी.

दिल्ली…मुम्बई जैसन बड़का शहर…मेट्रो लेल ई कोनो पैघ गप नहि अछि. दर्जनों मॉल खुलि गेल अछि. मुदा बिहार के एहि पहिन ‘पी एंड एम’ मॉल सेहो दोसर मॉल सं कोनो कम नहि अछि. देर सं सही…नीक बनल बिहारक एहि मॉल मे सभ आधुनिक सुविधा अछि.

आब अहां सभ सेहो एहि मॉल मे खरीदारी के मजा लिअ. राज्य धीरे-धीरे विकास के पथ पर आगां बढ़ि रहल अछि. लोक सभ देश-दुनिया के संग आगां बढ़ि रहल छथिन्ह. कदम सं कदम मिला रहल अछि.

Comment by Ranjan kumar jha on April 25, 2011 at 9:48am

sbaka hamar namaskar. apana  mithila ka flood sabsa paig samsaya aich kono sarkar aypaar dhyan na da rahal aich. apna mithila me bikas ka atyant abasykta aich na kono neta na kono party aiper dhyan da rahal aich.

Comment by Amit Kumar on April 11, 2011 at 4:29pm
JAI HO
Comment by Anshu on April 3, 2011 at 11:42pm
Pls join and promote the facebook community Incredible Bihar to make the Brand Bihar
www.facebook.com/incrediblebihar
Comment by pravin kumar on March 11, 2011 at 3:50pm
e site k dekh barh khush bheloo
Comment by Sonu mishra on February 21, 2011 at 10:14pm
आई अंतराष्ट्रिय मार्तभाषा दिवस अछि। सब गोटे स आग्रह ओ अपन मार्तभाषा आ अपन मार्तभूमि के विकास लेल सदैव तत्पर रहि। किएक त येह अहांक पहचान अछि। जय मिथिला जय मैथली
 

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Started by Ranjan kumar jha Apr 30, 2011. 0 Replies

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Started by subas chandra sinha Apr 12, 2011. 0 Replies

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