बोधगया में सीरियल बम ब्लास्ट, दहली बुद्धभूमि

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा एक सप्ताह पहले बिहार को आतंकी हमले की आशंका से संबंधित अलर्ट भेजे जाने के बावजूद रविवार को बोधगया में महाबोधि मंदिर के पास बम धमाके ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।


जानकारी के अनुसार दिल्ली की स्पेशल सेल ने कुछ दिन पहले बिहार के जिन आतंकियों को पकड़ा था उनसे पूछताछ के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों ने राज्य सरकार को अलर्ट भेजा था। पकड़े गए आतंकियों ने बेंगलूर, हैदराबाद के साथ बोधगया के महाबोधि मंदिर की रेकी की बात कबूली थी। इसके साथ ही अलर्ट में पटना में दो आतंकियों के छिपे होने की सूचना भी दी गई थी और कहा गया था कि ये प्रमुख धार्मिक स्थलों या भीड़भाड़ वाले इलाकों को अपना निशाना बना सकते हैं। यहां तक कि अगस्त 2012 में पकड़े गए आतंकी मकबूल ने भी इस बात का खुलासा किया था कि महाबोधि मंदिर में हमले की योजना बनाई गई थी।

गृह मंत्रालय ने बोधगया ब्लास्ट को आतंकी हमला माना है। एनआइए और एनएसजी की एक टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है। मंत्रालय का मनाना है पूरे मामले में इंडियन मुजाहिद्दीन का हाथ हो सकता है।

गौरतलब है कि पिछले दो साल के भीतर दरभंगा और मधुबनी मॉड्यूल के आइएम से जुड़े आतंकी गिरफ्तार हो चुके हैं जबकि इन मॉड्यूल के कुछ लोग सक्रिय हैं। इस साल फरवरी में हैदराबाद और बेंगलूर में हुए बम ब्लास्ट में आतंकी की पहचान कर ली गई थी। इसकी तलाश में एनआइए की छह-सात टीमें पिछले महीने तक बिहार में मौजूद थीं।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आतंकी बिहार को सेफ हैवन मानते हैं। दरभंगा और मधुबनी में पहले से ही आतंकी सक्रिय रहे हैं। राज्य में यह पहली आतंकी घटना है इसलिए अब सुरक्षा एजेंसियां चिंतित हो गई हैं।

एनआइए ने जारी की 12 आतंकियों की सूची

देश में हुए आतंकी धमाकों की जांच में जुटी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने शनिवार को ही 12 संदिग्ध आतंकियों की सूची जारी की है। उनकी तस्वीर लगे पोस्टर को भी जारी किए गए हैं। सभी पर दस-दस लाख का इनाम घोषित है। एजेंसी ने उन्हें इंडियन मुजाहिदीन का सक्रिय कार्यकर्ता बताया है। इस सूची में बिहार के समस्तीपुर व गया के एक-एक युवक शामिल हैं। वहीं, कर्नाटक के तीन, उत्तर प्रदेश के छह और हैदराबाद का एक युवक शामिल है। एजेंसी के आदेश के बाद, इन पोस्टरों को सभी थानों में चस्पा कर दिया गया है।

 दुनियाभर में हिंदू और बौद्धों की आस्था का केंद्र बिहार के बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर के पास रविवार की सुबह एक के बाद एक नौ सीरियल बम विस्फोट से दहल उठा। धमाकों की आवाज सुन आसपास के लोग मंदिर की ओर दौड़ पड़े। विस्फोट में महाबोधि मंदिर परिसर स्थित पवित्र बोधिवृक्ष के समीप साधना कर रहे एक तिब्बती लामा तेनजीन व म्यांमार के बौद्ध भिक्षु विलासागा घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए गया के मगध मेडिकल कालेज सह अस्पताल भेजा गया।


विश्वदाय धरोहर महाबोधि मंदिर में विस्फोट से पूर्व सुजाता बाईपास स्थित 17 वें करमापा का तेरगा मोनास्ट्री परिसर स्थित छात्रावास के पीछे दो व मंदिर परिसर के बाहर एक बम विस्फोट हुआ। उसके बाद 80 फीट की विशाल बुद्ध प्रतिमा के पीछे एक बम विस्फोट हुआ। सुजाता बाईपास पर खड़ी एक पर्यटक बस यूपी-65बीटी/8455 के अंदर धमाका हुआ। इसके बाद लगातार चार बम महाबोधि मंदिर परिसर के अंदर विस्फोट हुए।

विस्फोट से बोधिवृक्ष के नीचे रखी लकड़ी की बेंच के परखचे उड़ गए और उस पर रखा चीवर बोधिवृक्ष पर जा लटका। विस्फोट में वज्रासन की ओर चढ़ने वाली सीढि़यां क्षतिग्रस्त हो गईं। बम विस्फोटों के बाद लोग दहशतजदा हो गए। तेरगा मोनास्ट्री में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बाल लामा छात्रावास छोड़कर बाहर भागे।

महाबोधि मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के सचिव एन. दोरजे की मानें तो मंदिर परिसर में पहला विस्फोट बोधिवृक्ष के समीप हुआ। उसके बाद तारा देवी मंदिर, बटर लैंप हाउस और फिर रत्‍‌नगृह में कुछ मिनट के अंतराल पर चार विस्फोट हुए। उन्होंने कहा कि बोधिवृक्ष के समीप साधना कर रहे दो बौद्ध भिक्षु घायल हैं।

सभी केन बमों में टाइमर का प्रयोग

बम निरोधक दस्ते के उदय ठाकुर ने बताया कि मंदिर परिसर में इस्तेमाल किए गए सभी केन बम थे। जो काफी शक्तिशाली थे। सभी में टाइमर का इस्तेमाल किया गया। बम निरोधक दस्ते ने 80 फीट विशाल बुद्ध प्रतिमा पर रखे एक बम को निष्क्रिय किया है। बम में रखे टाइमर में 8 बजकर 20 मिनट का समय सेट किया गया था। जिसे दस्ते के जवान ने कुछ ही मिनट पहले निष्क्रिय किया।

वहीं, तेरगा मोनास्ट्री में रखे बम को सीआरपीएफ के दस्ते ने निष्क्रिय किया। यहां बरामद टाइमर में संध्या 5 बजकर 45 मिनट का समय सेट किया गया था। 80 फीट विशाल बुद्ध प्रतिमा व तेरगा मोनास्ट्री में निष्क्रिय किए गए बम को छोटे-छोटे सिलेंडर में लगाकर रखा गया था। बताया कि बम में अमोनियम नाइट्रेट का प्रयोग किया गया।

मुख्यमंत्री ने लिया जायजा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महाबोधि मंदिर परिसर में हुए विस्फोट वाले स्थलों, 80 फीट विशाल बुद्ध प्रतिमा व तेरगा मोनास्ट्री का निरीक्षण किया। अस्पताल जाकर दोनों घायलों की कुशल क्षेम ली। उन्होंने कहा कि मंदिर की सुरक्षा सीआइएसएफ के हवाले करने की केंद्र सरकार से मांग की जाएगी। पूर्व की सुरक्षा के सवाल पर कहा कि जिस स्तर पर जरूरत समझी गई, सुरक्षा की गई थी।

कहा कि जिन लोगों की यह हरकत है उन्हें ढूंढ निकाला जाएगा। उनके खिलाफसख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीआइजी नैयर हसनैन खां, जिलाधिकारी बाला मुरुगन डी, एसएसपी गणेश कुमार सहित अन्य आला अधिकारी महाबोधि मंदिर पहुंचे। मीडिया कर्मियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई।

क्रमवार बम विस्फोट

सुबह : 5:30 बजे तेरगा मोनास्ट्री परिसर स्थित छात्रावास के पीछे दो बम विस्फोट व एक मंदिर के पीछे

सुबह : 5:30 बजे 80 फीट विशाल बुद्ध मूर्ति के पीछे

सुबह : 5:30 बजे पर्यटक बस में

सुबह- 5:40 बजे विश्वदाय धरोहर महाबोधि मंदिर परिसर स्थित पवित्र बोधिवृक्ष के समीप

सुबह- 5:45 बजे तारा देवी मंदिर

सुबह- 5:50 बजे बटर लैंप हाउस के समीप खड़ी एम्बुलेंस वाहन में

सुबह- 5:58 बजे मंदिर के रत्‍‌नगृह के समीप

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nitish ji

uttrakhand me log mar rahe hai. las bhikri pari hai. per hamare neta aise hai  ki wo gare hue murde ukhar rahe hai.israt ka case kya hai. nitish ji  bakat ko samje. nahi to na kursi bachega na akar.

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